"NO DREAM IS TOO BIG" मैं यह अँग्रेज़ी का वाक्य कभी नही भूल पाउँगा ! मैं अपने 7 सितम्बर 2010 को हिमाचल प्रदेश गया था! हिमाचल प्रदेश में वाघा एक पहाड़ी क्षेत्र है; वही पर J.P. सीमेंट कम्पनी अपने कलिंकर् बनती है! हज़ारो फुट की ऊचाई पर स्थित औधोगिक इकाई को पहाड़ काटकर बनाया गया है! हज़ारो लोग येहाँ जिविको पार्जन करते है! मेरे एक नज़दीकी मित्र राजेंद्र प्रसाद के रिश्तेदार भी उसी कंपनी में कार्यरत है! उनकी वजह से ही हमें पूरी औधोगिक प्लाट घूमने का मोका मिला! कंपनी की ही गाड़ी थी जब हम मुख्या प्लाट से निकल कर केंटिन की तरफ जा रहे थे; तब एक एक पट्टिका पर लिखा था "NO DREAM IS TOO BIG" अब इसका वास्तविक अर्थ, में बिलकुल समझ गया था! वर्षो पहले कंपनी की सोच तथा सपने की सोच होते देखा था!
DREAM"सपने"- एक ऐसा लक्ष्य जो एक निश्चित दिन को ही पूरा करना है! सपने अपने होते है! सपने व्यक्तितगत होते है! सपने सही या गलत नहीं होते है!
दूसरी भाषा मैं कोई भी जो आपको काम करने के लिए प्रेरित करती है; सपना है!
*सपने क्यों जरुरी है?
नेटवर्किंग कंपनी में सफलता के लिए सोने सास की तरह कार्य करती है! जीवन भी सपनो के बिना अधुरा है! कोई भी उपलब्धि सपनो की सीढ़ी सेप्राप्त की जा सकती है!
HAVE BIG DREAMS.................
IT COSTS NOTHING.................
BUT PURCHASE EVERTHING.................
*सपनो को डायरी में लिखे......क्यों?
अनुसंधानों से यह ज्ञात हुआ है कि सभी कामयाब लोगो के लिखित सपने होते है! सपनो को डायरी में लिखे! सपने आपको याद दिलाएंगे की किस दिशा में कार्य करना है! अपने सपनो को प्रतिदिन पढ़े तथा उसकी कल्पना करे उसमे खो जाये!
ऐसा मेरा मन है की जो सपने लिखे नहीं गए, वो कभी पुरे नहीं हूए!
*नेटवर्क मार्केटिंग में सपनो का महत्व:-
जब आप एक सही सपना देख लेते है; तो नेटवर्किंग में कामयाबी 80% तक सुनिश्चित हो जाती है!
बचपन में जब में सरस्वती बल विधालय का छात्र था! मेरे शिक्षक श्री मनोज कुमार सोनी जी थे! मुझे उनकी लिखावट(HAND WRITTING)बहुत अच्छी लगती थी ;मैं उनसे काफी प्रभावित रहा! मैंने उनकी तरह ही शिक्षक बनने का सपना देखा और मैं सुन्दर लिखने वाला एक कामयाब गणित का शिक्षक बन गया! सपने सच होते है! आइये एक बेहतरीन याद जो मेरे लिए काफी दर्दनाक था, लेकिन मेरे सपने की मजबूत सीढी बन गया! जब में सातवी कक्षा का छात्र था! दूरदर्शन पर रामायण काफी लोक प्रिये था! मैं रविवार को गाँव के अन्य लडको के साथ श्री धरणी धर पूरी(मेरे प्रिये शिक्षक) के घर रामायण देखने पंहुचा! उनके बड़े बेटे सुनील पूरी जी ने मुझे यह कह कर भगा दिया की जाकर अपने बाप से टेलीविजन खरीदवाओ फिर रामायण देखना! मुझे बहुत बुरा लगा; परन्तु मैं यह जनता था की मेरे गरीब पिता टेलीविजन नहीं खरीद सकते! मैंने उसी समय एक दृढ संकल्प किया कि आज के बाद राजेश अपनी कमाई से खरीदी गयी रंगीन टेलीविजन पर ही रामायण देखे गा! मित्रो समय तो लगा , पर राजेश सबसे बेहतरीन रंगीन टेलीविजन का सपना पूरा किया! मेरे इन बातो का आप तक पहुचाने का सिर्फ अभिप्राय यह है की सपने यदि वास्तविक है; तो पुरे जरुर होंगे! मैं आज सुनील भैया तथा उनके परिवार के सदस्यों को बहुत प्यार तथा इज्जत करता हु क्योकि रास्ता अगर नहीं बनता तो इतनी तेजी से दोड़ लगाना आसान नहीं था! परन्तु ध्यान रहे कुछ लोग सपने तो देखते है; लेकिन एक महीने के अन्दर उसे भूल जाते है! मजबूत सपनो को पूरा करने के लिए समय,धर्ये मजबूत इच्छा शक्ति अनिवार्य है!
“A MAN WITH DREAMS IS NEVER DENIED”
“मंजिल उन्ही को मिलती है;
जिनके सपनो में जान होती है!
सिर्फ पंखो से कुछ नहो होता;
हौसलों से ही उडान होती है!!”
